इतिहास की सबसे ‘ताकतवर’ सेल्‍फी, दुनिया भर में चर्चा

0
884

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चीन यात्रा के दौरान चीनी प्रधानमंत्री ली कछयांग के साथ सेल्फी ली। यह सेल्फी अब वायरल हो गई है और विदेशी मीडिया ने इसे इतिहास की सबसे ताकतवर सेल्फी का दर्जा दिया है।
चीन के प्रधानमंत्री ली कछयांग के साथ भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने की व्यस्तता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ एक सेल्फी लेने का समय निकाल ही लिया। मोदी को सेल्फी लेने के उनके शौक के लिए जाना जाता है।
मोदी ने इस सेल्फी के बाद अपने एक ट्वीट में कहा, ‘यह सेल्फी लेने का समय है, धन्यवाद प्रधानमंत्री ली।’ बीजिंग स्थित टेंपल ऑफ हेवन की यात्र के समय मोदी ने यह ट्वीट किया। मोदी ने इसके अलावा योग व ताई ची के संयुक्त आयोजन में मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ भी सेल्फी ली।

इतिहास की सबसे ताकतवर सेल्फी पीएम मोदी और कछयांग की इस सेल्फी को विदेशी मीडिया ने इतिहास की सबसे ताकतवर सेल्फी करार दी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ‘क्या मोदी ने इतिहास की सबसे ताकतवर सेल्फी ली है?’ के शीषर्क से एक समाचार रिपोर्ट में कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के प्रधानमंत्री एक-दूसरे की ओर ‘झुक’ रहे हैं। हो सकता है कि राजनीतिक रूप से यह इतिहास की सबसे ताकतवर सेल्फी हो।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सबसे ज्यादा आबादी वाले दो देशों के सबसे ज्यादा प्रभावशाली लोग हैं। इन दोनों देशों की कुल जनसंख्या करीब ढाई अरब है, जो पूरी मानवता का एक तिहाई से ज्यादा है। दोनों एक ही फ्रेम में हैं और कोई आधिकारिक फोटोग्राफर नहीं है।
ट्विटर, वीबो, फेसबुक और तमाम दूसरी सोशल साइट्स पर पीएम मोदी के चीन दौरे की चर्चा और जोर शोर से होने लगी। जनता से जुड़ने की पीएम की ये स्टाइल ही उनकी विदेश नीति को खास बनाती है। चीनी प्रधानमंत्री के साथ पीएम मोदी की ये सेल्फी चीन की सोशल वेबसाइट वीबो पर हजारों बार रिट्वीट हुई, फेसबुक पर फेसबुक के संस्थापक मार्क जुबरबर्क ने इस सेल्फी को लाइक किया और देखते ही देखते रॉक स्टार पीएम मोदी सोशल साइट्स पर भी छा गए।
अपनी सेल्फी को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले पीएम मोदी की पहली सेल्फी विवादों में भी फंस गई थी। पीएम ने पहली सेल्फी लोकसभा चुनावों के दौरान वोट डालने के बाद ट्विटर पर पोस्ट की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी दिया था, क्योंकि वोट डालने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह के साथ सेल्फी क्लिक की थी। हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here