कंडोलिया मेले के अवसर पर विश्व नवनिर्माण प्रदर्शनी..

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कंडोलिया मेले के अवसर पर विश्व नवनिर्माण प्रदर्शनी..

जागो ब्यूरो रिपोर्ट:

कंडोलिया मेले के त्रिदिवसीय उत्सव में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पौड़ी शाखा ने आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जिसमें दिल्ली से आए प्रतिनिधियों ने भी अपना योगदान दिया जिसका मेले में आए दर्शनार्थियों ने लाभ उठाया। इस प्रदर्शनी के दौरान भक्तों को आत्मा परमात्मा का सत्य परिचय एवं जीवन जीने की कला सिखाई गई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एक आध्यात्मिक संस्था है जिनका उद्देश्य है जिन परमपिता परमात्मा की हम पूजा करते हैं उनके यथार्थ परिचय को जन-जन तक पहुंचाना एवं परमात्मा के नाम, धाम, कर्तव्य और उनसे हम आत्माओं का क्या संबंध है, इसका सत्य ज्ञान देना। इस संस्था में परमात्मा द्वारा आजकल के तनाव युक्त वातावरण में एक सुनियोजित जीवन जीने की कला सिखाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि भक्ति से भगवान मिलते हैं और इस संस्था का भी यही मानना है कि जिसने बहुत भक्ति की है उन्हें ही भगवान मिलते हैं। इसके अतिरिक्त इस संस्था का कहना है कि हम सब मनुष्य आत्माएं उस सर्वोच्च निराकार परमपिता परमात्मा की संतान होने के नाते आपस में भाई-भाई हैं और इसी संदर्भ से “वसुदेव कुटुंबकम” का अभिप्राय सार्थक सिद्ध होता है। यह राजयोग की शिक्षा परमपिता परमात्मा ने हर धर्म, हर जाति के मनुष्य आत्माओं के उन्नति के लिए दिया है जिसके प्रयोग द्वारा वह अपनी दिनचर्या व कार्य व्यवहार में आते हुए भी सुख, शांति एवं खुशी का अनुभव कर सकते हैं। दुनिया में ऐसा माना जाता है कि यह सृष्टि एक रंगमंच है और हम सब इस रंगमंच पर चल रहे ड्रामा में एक्टर्स हैं। अगर हम इस ड्रामा के एक्टर्स हैं तो हमें इस ड्रामा के क्रिएटर, डायरेक्टर, मुख्य एक्टर, इस ड्रामा की अवधि एवं इसके आदि और अंत का भी ज्ञान होना चाहिए। जो किसी को भी पता नहीं है।इसकी स्पष्टता भी इस संस्था द्वारा दी जाती है।विश्व भर में लाखों लोगों ने इस सात दिवसीय राजयोग कोर्स के पश्चात प्रतिदिन अपने लिए एक घंटा निकाल ज्ञान और योग के द्वारा परमात्मा अनुभूति का आनंद लिया है और अपने रोजमर्रा के जीवन में इसका लाभ लिया है। इसके अतिरिक्त यह राजयोग की शिक्षा डिप्रेशन, मानसिक बीमारियों एवं व्यसनों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक सिद्ध होती है।

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