अद्भुत,अकल्पनीय,अविश्वसनीय,चमोली गढ़वाल स्थित प्राचीन बिंदेश्वर महादेव मन्दिर..

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अद्भुत,अकल्पनीय,अविश्वसनीय चमोली गढ़वाल स्थित प्राचीन बिन्देश्वर महादेव मन्दिर..
नवीन भण्डारी,जागो ब्यूरो चमोली:

जोशीमठ से 25 किलोमीटर आगे भला गाँव में भगवान बिंदेश्वर महादेव का प्राचीन मन्दिर स्थित है,काफी चढ़ाई चढ़ने के बाद भक्तों को इस मन्दिर के दर्शन होते हैं,मान्यता है कि भगवान बिंदेश्वर महादेव में एक बार दर्शन प्राप्त करने से जन्मों-जन्मों के पाप धूल जाते हैं,स्थानीय ग्रामीण मानते हैं कि यह मन्दिर पुत्र प्राप्ति का वरदान देता है,महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिलती है,यहां पर एक आश्चर्य चकित करने वाला पत्थर भी दिखायी देता है,इस पत्थर का 10 आदमी भी इसका भार नहीं उठा पाते हैं, जबकि देखा जाए उस पत्थर का वजन कुछ ज्यादा नहीं है,इस पत्थर को दूर से देखते ही ऐसा लगता है इस पत्थर को कोई आम आदमी भी उठा सकता है,लेकिन भगवान भोले शंकर जी की महिमा कुछ ऐसी है कि इस पत्थर को वही व्यक्ति उठा पाता है, जिसका हृदय साफ हो और जो पाप कर्मों से दूर हो,आश्चर्य की बात यह है कि कई ऐसे कमजोर व्यक्ति भी होते हैं,जो इस पत्थर को अकेले ही इसे अपने सर तक उठा लेते हैं, यह किसी चमत्कार से कम नहीं होता!मानो यहां पर भगवान भोले शंकर जी स्वयं भक्तों को दर्शन दे रहे हों,यहां पर एक ऐसा लिंग भी मौजूद है,जिस लिंग के चारों तरफ स्थानीय पुजारी,लिंग के चारों तरफ गेहूं एवं जौ डाल देता है और उस लिंग के चारों तरफ गेहूं का अद्भुत नजारा यहां पर दिखाई देता है, यह सिर्फ महाशिवरात्रि से कुछ समय पहले किया जाता है, महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को यह प्रसाद के रूप में वितरण किया जाता है ,तरह तरह की कहानियां एवं यहां पर आश्चर्य करने वाली बातें यहां पर दिखायी देती है,काफी चढ़ाई चढ़ने के बाद भगवान बिंदेश्वर महादेव भक्तों को दर्शन देते हैं,तरह-तरह की मान्यता है कि इस मंदिर के समीप हमेशा नाग के दर्शन देखे जा सकते हैं एकांत में बसे भगवान बिंदेश्वर महादेव भक्तों पर हमेशा अपना आशीर्वाद देते हैं, आपको बता दें पत्थर को श्रद्धालु अपना पुनर्जन्म एवं भविष्य के कर्मों के जो भी उन्होंने किए हैं उसकी पहचान इस पत्थर से की जाती है,बताया जाता है कि हर किसी ने अगर पुनर्जन्म में या इस जन्म में जो भी अच्छा बुरा काम क्या है उसकी पहचान यहां पर की जाती है जिसके डर से कई श्रद्धालु इस पत्थर के चारों तरफ बैठे हुए दिखाई देते हैं,बस किस्मत वाला ही इस पत्थर को उठा पता है,इसलिए यहां पर हरदिन श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है!

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