देहरादून के बालावाला में जमीनों की रजिस्ट्री में पेड़ों की संख्या कम दिखा कर राजस्व की चोरी और अवैध पातन का मामला…

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देहरादून के बालावाला में जमीनों की रजिस्ट्री में पेड़ों की संख्या कम दिखा कर राजस्व की चोरी और अवैध पातन का मामला…

गौरव तिवारी,जागो ब्यूरो रिपोर्ट:

देहरादून में जमीनों में किस तरीके से फर्जीवाड़ा किया जाता है इसका एक प्रकरण हम आपके सामने ला रहे हैं। दरअसल बालावाला में बांगी पुलिया के निकट खसरा नम्बर 558 में 5320 स्क्वायर मीटर की 2 रजिस्ट्रियां एक ही व्यक्ति द्वारा मई के दूसरे सप्ताह में की गयी, जिसमें कि एक रजिस्ट्री में केवल 5 पेड़ व दूसरी में 11 पेड़ दिखाए गए। जबकि 17 अप्रैल 2023 को उद्यान विभाग डोईवाला के सचल दल द्वारा इसमें आम के 48,लीची के 6 व अमरूद का 01 पेड़ मौजूद दिखाया है।यानि कि कुल 55 फलदार पेड़ वहां मौजूद थे,पर इनके अलावा अमरूद के 2 व एक पेड़ चबूतरे का आज भी मौजूद है ,जिसके सारे साक्ष्य जागो उत्तराखंड के पास मौजूद हैं। इसके अलावा कुछ इमारती लकड़ी के पेड़ भी मौके पर मौजूद हैं। यानी 60 के लगभग पेड़ मौके पर तब मौजूद थे। अब पहला प्रश्न तो यह उठता है कि उस दिन 17 अप्रैल 2023 को जब मौके पर इतने पेड़ मौजूद थे,तो मई में जमीन की रजिस्ट्री के समय पेड़ों को छुपा कर राजस्व की चोरी क्यों की गई?इसमें क्रेता व विक्रेता दोनों दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिये।साथ ही मौके की वर्तमान स्थिति देख कर जितने भी पेड़ मौजूद हैं,उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और जो पेड़ काटे जा चुके हैं,उनकी भी जाँच होनी चाहिए तथा भू स्वामी के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाही होनी चाहिये।सम्बधित विभाग के वहां के कर्मचारियों,जिनकी जिम्मेदारी वहां पर पेड़ों का सुरक्षा करने की थी,उनकी भी इस प्रकरण में जाँच होनी चाहिए तथा जिस लेखपाल द्वारा मौके का स्थलीय निरीक्षण किये बिना इतने बड़ी जमीन का दाख़िल खारिज किया गया उसकी भी जाँच जिलाधिकारी को विजलेंस करवानी चाहिए। साथ ही मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को उक्त जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग को सीज करना चाहिए। इस खबर को प्रकाशित करने के बाद यदि जागो उत्तराखंड के किसी भी कर्मचारी या उसके परिवार पर कोई भी शारीरिक हानि होती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी उक्त भूमि से जुड़े लोगों की होगी।

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