आईआईटी रुड़की ने एकोवेशन के साथ साइन किया एमओयू साइन

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रुड़की । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म एकोवेशन के साथ डवन् किया है। भविष्य के कार्यबल को सुदृढ़ करने के उद्देश से एकोवेशन के साथ साइन किए गए डव के अंतर्गत ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म पर कई एक्जीक्यूटिव कोर्स लांच किए गए हैं। आईआईटी रुड़की के स्पोंसर्ड रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी विभाग के डीन प्रो. मनीष श्रीखंडे और एकोवेशन के संस्थापक व मुख्य तकनीकी अधिकारी अक्षत गोयल के बीच डवन् पर हस्ताक्षर किए गए। आईआईटी रुड़की ने एकोवेशन प्लेटफॉर्म पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की पहल पर ‘साइबर सिक्योरिटी में एडवांस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ और मैनेजमेंट स्टडीज विभाग की पहल पर ‘सप्लाई चेन मैनेजमेंट व एनालिटिक्स में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन’ जैसे दो ऑनलाइन कोर्स भी लांच किया है। साथ ही आईआईटी रुड़की में एक ई-लर्निंग सेंटर की भी शुरुआत हुई है।
दोनों संस्थानों के बीच साइन हुआ डवन् रिसर्च डेवलपमेंट और कंसल्टेंसी वर्क में सहयोग करने, शैक्षणिक और अनुसंधान सामग्री और संयुक्त प्रकाशनों के आदान-प्रदान की सुविधा, प्रोजेक्ट्स में सहयोग, रिसर्च एक्टिविटी और सेमिनार में हिस्सा लेने, वाद-विवाद और अन्य प्रकार की अकादमिक चर्चाओं में भाग लेने का अधिकार देता है।
ऑनलाइन कोर्स में थ्योरेटिकल कांसेप्ट्स और प्रेक्टिकल एप्लिकेशन दोनों ही शामिल होगा। इंस्टीट्यूट के नोएडा या रुड़की कैंपस में प्रोजेक्ट वर्क कराया जाएगा। कोर्स पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। साथ ही एकोवेशन द्वारा प्लेसमेंट में सहायता भी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के चतुर्वेदी ने कहा, “एकोवेशन के साथ डवन् उद्योग की जरूरतों के अनुसार शिक्षार्थियों को सक्षम बनाने के हमारे प्रयासों की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। कोविड-19 ने मौजूदा वैश्विकआपूर्ति श्रृंखला के पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रेरित किया है। जोखिमों को कम करने और अनिश्चितताओं का सामना करने में मदद करने के हिसाब से कोर्स को डिजाइन किया गया है।“
कोर्स लगभग छह महीने की अवधि के होंगे। जिसे ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म एकोवेशन पर ऑनलाइन मोड के माध्यम से फैकल्टी व इंडस्ट्री एक्सपर्ट द्वारा पढ़ाया जाएगा। शिक्षार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रासंगिक कार्य अनुभव के आधार पर 50,000 रुपए की छात्रवृत्ति का भी प्रावधान है। अधिक से अधिक शिक्षार्थी इस कोर्स का लाभ ले सकें इसके लिए बैंक से फाइनेंस (अग्रणी बैंकों के साथ यह सुविधा एकोवेशन द्वारा मुहैया कराई जाएगी) का विकल्प भी दिया गया है। एकोवेशन के संस्थापक व मुख्य तकनीकी अधिकारी अक्षत गोयल ने कहा, “कोविड-19 संकट के बीच शैक्षणिक गतिविधियों को बरकरार रखने के लिए ऑनलाइन एजुकेशन एक बेहतर विकल्प के रूप में उभरा है। अपनी सुविधाएं और ऑन-द-गो एक्सेस के कारण इसने शैक्षणिक परिदृश्य को बदला है। आईआईटी रुड़की के साथ हुए इस समझौते से हमें संस्थान की तकनीकी विशेषज्ञता और सक्षम फैकल्टी का लाभ मिलेगा। जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान के प्रसार और भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल तैयार करने में काफी मदद मिलेगी।“

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