गणतंत्र दिवस की 72 वीं वर्षगांठ के बाद भी सड़क सुविधा की बाट जोहता  स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  का गांव

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गणतंत्र दिवस की 72 वीं वर्षगांठ के बाद भी सड़क सुविधा की बाट जोहता  स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  का गांव

       भाष्कर द्विवेदी जागो उत्तराखंड संवाददाता चौबट्टाखाल पौड़ी

उत्तराखंड राज्य की सरकारों की करामातों का जीता-जागता उदाहरण देखना चाहते हैं तो चले आइए उत्तराखंड राज्य की बहुचर्चित विधानसभा यमकेश्वर और वीवीआईपी जनपद पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कुमार्था में , यहां आपको दिख जाएगा सैनिक के नाम पर राज करने वालों को और विकास की डफली बजाने वालों की हकीकत क्या है , हम बात कर रहे हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर लगातार छले गए कुमार्था गांव की ओर अब सरकारों के छलावे से तंग आकर आज  ग्राम पंचायत कुमार्था मे एक आम बैठक का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य गांव को सडक से जोडना है ग्राम प्रधान रीना रावत की अध्यक्षता मे आज की बैठक आहुत की गयी जिसमें गांव के रैबासी प्रवासी सभी ने बढ चढकर हिस्सा लिया व सडक की मांग को लेकर सभी ने एकजुटता का परिचय देते हुये अपने अपने बिचार रखे, ग्राम प्रधान श्रीमति रीना रावत ने बताया कि गांव के लिये सडक का कई बार सर्वे होने के वावजुद भी सरकार द्वारा आज तक गांव को छला गया है व राजधानी देहरादून से मात्र 60 किमी, rishikesh से मात्र 21 किमी और मोहन चट्टी से मात्र ढाई किमी की दूरी पर स्थित कुमार्था के साथ स्थानीय प्रतिनिधियों सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जिससे स्थानीय जनता मे रोष व्याप्त है,

वहीं जन हित व विकाश कार्यों को लेकर निरंतर चर्चा मे रैहने वाले क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत सदस्य पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट ने बताया कि प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व चंदन सिंह बिष्ट के गांव की अनदेखी अब कतई बर्दास्त नही की जायेगी सुदेश भट्ट ने बताया कि ईससे पहले भी कई बार सडक स्वीकृति के नाम पर सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
के गांव को सडक मार्ग से जोडने के नाम पर झूठी घोषंणाओं के नाम पर अखबारों मे सुर्खियां बटोर चुकी है जबकि धरातलीय वास्तविकता शुन्य है ,अपनी क्षेत्र पंचायत बूंगा के दुर्गमतम क्षेत्रों मे शामिल ग्राम कुमार्था से हो रहे निरंतर पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुये सुदेश भट्ट ने बताया कि सरकार द्वारा क्षेत्र के साथ ईस तरह का सौतेला व्यवहार कतई स्वीकार नही किया जायेगा ओर सडक ही यहां पलायन का मुख्य कारण है ,उन्होने क्षेत्र की जनता से सडक मांग को लेकर अब लोकतंत्र मे मांग की अंतिम जंग आंदोलन को लेकर ग्रामीणों से सडक पर उतरने का आह्वान किया जिसकी समस्त ग्रामीणों ने खुले मन से स्वागत करते हुये ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत के नेतृत्व मे मांग पर अमल न किये जाने पर सडक पर उतर आंदोलन के लिये अपनी स्वीकृति प्रदान करी तालीयों की गडगडाहट से ग्रामीण बुजुर्ग युवा व महिलाओं द्वारा अपने जन प्रतिनिधियों की हौसलाफजाई करते हुये विकास को लेकर आर पार की जंग मे अपना सर्वस्व त्याग करने का वादा किया गया

 

 

क्षेत्र पंचायत सुदेश भट्ट व ग्राम प्रधान रीना रावत ने बताया कि यदि सरकार द्वारा दो महीने के अंदर ईस मांग को गंभीरता से नही माना जाता है तो ईस बार होलीका दहन के रुप मे स्थानीय प्रतिनिधियों व सरकार की होली गांव के किनारे हेंवल नदी के तट पर जलाई जायेगी जिसकी जिम्मेवार सरकार स्वयं होगी ,व आने वाले चुनावी वर्ष मे चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करते हुये किसी भी प्रत्याशी को वोट मांगने गांव मे घुसने नही दिया जायेगा
बैठक मे निम्न जनप्रतिनिधि उपस्थित वर्तमान क्षेत्र पंचायत, प्रधान समेत पूर्व प्रधान ललित मोहन बडोला, स्वयंम्बर सिंह भंडारी बिजय बिष्ट, सुरमान सिंह बिष्ट, कमल रावत, दिनेश भंडारी, दयाल सिंह पयाल, प्रेम सिंह भंडारी, माधुरी देवी, वीरा देवी, पूर्व प्रधान सुलोचना देवी, शालनी देवी व आरती देवी शामिल थी,

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