अंकिता भंडारी केस के मुजरिमों की बेल और जेल के बीच खड़ा एक और नेगी…

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अंकिता भंडारी केस के मुजरिमों की बेल और जेल के बीच खड़ा एक और नेगी…

जागो ब्यूरो रिपोर्ट:

अंकिता भंडारी केस के अपराधियों को लोअर कोर्ट से उम्रकैद की सजा करवाने में वरिष्ठ अधिवक्ता अवनीश नेगी की शशक्त पैरवी की अहम भूमिका थी।अब उनके छोटे भाई नवनीश नेगी, उत्तरा खंड हाईकोर्ट से इस सजा को बरकरार रखने के लिये पूरी जद्दो जहद कर रहे हैं।फ़िल हाल उन्होंने अंकिता के तीनों हत्यारों,पुल कित आर्य,सौरभ भास्कर और पुलकित उर्फ़ अंकित गुप्ता की नैनीताल उच्च न्यायालय में दाखिल की गयी बेल याचिका को खारिज़ करवाने में अहम भूमिका अदा कर दी है,उनकी नेतृत्व में अधिवक्ताओं की टीम ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज करवाने में सफलता प्राप्त कर ली हैं।अभियो जन पक्ष की ओर से अंकिता केस की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधि वक्ता नवनीश नेगी और अन्य विद्वान अधिवक्ताओं की टीम ने अंकिता केस में पेश किए गए व्हाट्सएप चैट,टावर लोकेशन, टेलीफोनिक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों पर हाईकोर्ट में विस्तार से बहस की।मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीश नेगी ने उक्रांद नेता आशुतोष नेगी को दूरभाष पर बताया कि कोटद्वार की ट्रायल कोर्ट में जिन साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया था,उन्हीं साक्ष्यों को हाईकोर्ट में जमानत के विरोध में मजबूती से रखा गया।उनका कहना है कि बचाव पक्ष की ओर से इन साक्ष्यों की ऐसी कोई ठोस काट पेश नहीं की जा सकी,जिसके आधार पर अभियुक्तों को जमानत दी जा सके।सुनवाई के दौरान अंकिता की फोन पर बातचीत,व्हाट्सएप चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया।अभियोजन पक्ष के मुताबिक,अंकिता रिसॉर्ट छोड़ने और मदद मांगने की बात कर रही थी।उसकी आखिरी बातचीत और इसके बाद मोबाइल की गतिविधियां मामले की अहम कड़ियों में शामिल हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता नवनीश नेगी के अनुसार अंकिता की हत्या से पूर्व 6 सितंबर,8 सितंबर और हत्या के दिन 18 सितंबर 2022 से जुड़े घटनाक्रम तथा उनसे संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर भी अदालत के सामने पक्ष रखा गया।हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अभियुक्तों की अपील पर अंतिम फैसला हो गया है,बल्कि मामले की अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई अभी बाकी है।ऐसे में आगे की न्यायि क प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।आप सभी संवेदनशील और न्यायप्रिय लोग ईश्वर से प्रार्थना करें कि उच्च न्यायालय से भी अंकिता केस के तीनों अपराधियों की सजा बरकरार रहे।

 

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