“जागो उत्तराखण्ड”द्वारा कराये गये शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार के स्टिंग वीडियो की सत्यता फॉरेंसिक जाँच में प्रमाणित:सीईओ पौड़ी मदन सिंह रावत,डीईओ हरेराम यादव और लिपिक दिनेश गैरोला पर कसा कानूनी शिकंजा..

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“जागो उत्तराखण्ड”द्वारा कराये गये शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार के स्टिंग वीडियो की सत्यता फॉरेंसिक जाँच में प्रमाणित:

सीईओ पौड़ी मदन सिंह रावत,डीईओ हरेराम यादव और लिपिक दिनेश गैरोला पर कसा कानूनी शिकंजा..
जागो ब्यूरो विशेष:

“जागो उत्तराखण्ड” द्वारा वर्ष 2018 में पौड़ी के शिक्षा विभाग में व्याप्त आकंठ भ्रष्टाचार के खुलासे हेतु करवाये गये स्टिंग में पौड़ी के मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत,तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हरेराम यादव तथा तत्कालीन अशासकीय विद्यालय पटल सहायक दिनेश गैरोला द्वारा अशा-सकीय विद्यालयों में नियुक्ति और अनुमोदन हेतु पैसे लेने के वीडियो साक्ष्य की चंडीगढ़ फॉरेंसिक लैब से पुष्टि हो गयी है। “जागो उत्तराखण्ड” की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जंग में यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है,क्योंकि पिछले दो साल से इन तीनों पर कानूनी कार्रवाही चंडीगढ़ फॉरेंसिक लैब से वीडियो साक्ष्य की जाँच रिपोर्ट आने तक रुकी हुई थी।

अब यह रिपोर्ट आ गयी है और इसमें वीडियो साक्ष्य की सत्यता और छेड़खानी न किए जाने की पुष्टि हो गयी है और पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड,अंशुमान द्वारा सचिव गृह अतर सिंह को उक्त तीनों पर शिक्षा विभाग से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17(क) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने से पूर्व अनुमति प्राप्त करने हेतु पत्र प्रेषित कर दिया गया है। यह जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत माँगी गयी जानकारी में “जागो उत्तराखण्ड” को प्राप्त हो गयी है, दरअसल सम्बंधित फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मार्च 2020 में ही आ गयी थी,लेकिन अज्ञात कारणवश पुलिस अभी तक मामले का खुलासा नहीं कर रही थी,लेकिन सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत जब मामला अपील हेतु आईजी गढ़वाल अभिनव कुमार के पास पहुंचा,तो उन्होंने एसएसपी पौड़ी को तत्काल फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट तथा शासन को भेजे गए पत्रों की छायाप्रतियाँ “जागो उत्तराखण्ड”संपादक आशुतोष नेगी को उपलब्ध कराने हेतु आदेश दिये,जिसके बाद समस्त पत्रावली “जागो उत्तराखण्ड”को उपलब्ध हो गयी है।

“जागो उत्तराखण्ड” की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है,क्योंकि जनपद स्तर के शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत,तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हरेराम यादव तथा पटल सहायक दिनेश गैरोला का अब जेल जाना लगभग तय हो गया है!उधर मार्च 2020 में फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद अप्रैल 2020 में पुलिस महानिरीक्षक अपराध और कानून व्यवस्था अंशुमान द्वारा अपर सचिव गृह अतर सिंह को तीनों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने हेतु शिक्षा विभाग से अनुमति प्राप्त किये जाने हेतु भेजे गये पत्र पर कोई भी कार्यवाही अभी तक शासन के गृह अथवा शिक्षा विभाग स्तर पर लटका कर अभी तक तीनों पर एफआईआर दर्ज करने हेतु अनुमति नहीं दी गयी है,जिससे समझा जा सकता है कि मामला अभी भी शासन स्तर पर दबाये जाने का प्रयास किया जा रहा है,लेकिन “जागो उत्तराखण्ड” भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को जारी रखेगा और तीनों दोषियों को जेल के अन्दर तक पहुंचाने तक जिस स्तर से भी संघर्ष करना पड़े अपना संघर्ष जारी रखेगा।

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