Criminal Case filed against Forest Mafiya Aanand Ballabh Thapliyal…

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जागो उत्तराखण्ड इम्पैक्ट…

वन माफिया आनन्द बल्लभ थपलियाल पर शिकंजा…

नरेंद्र सिंह नेगी,जागो ब्यूरो,लैंसडाउन

दिसम्बर माह में “जागो उत्तराखण्ड” द्वारा लैंसडाउन वन प्रभाग में नाप भूमि पर सैकड़ों हरे पेड़ों के कटान का मामला प्रमुखता से उठाया गया था,तत्कालीन डीएफओ सन्तराम ऑन कैमरा यह कहते हुए रिकॉर्ड हुए थे,कि स्थानीय भाजपा नेत्री ममता थपलियाल देवरानी ने अपने पिता को ये अनुमतियाँ “मन्त्री” जी से कहलवाकर दिला दी हैं,इस खुलासे के बाद “जागो उत्तराखण्ड” सम्पादक आशुतोष नेगी पर कोटद्वार थाने में फर्जी मुक़दमा क़ायम करवा कर मामले को आगे न प्रकाशित करने का दवाब बनाया गया,लेकिन “जागो उत्तराखण्ड”अपने उसूलों से नहीं डिगा और अप्रैल माह में एक बार फिर महिला नेत्री के पिता आनन्द बल्लभ थपलियाल और भाई शोभित थपलियाल दुगड्डा के पास बिना रवाना और नम्बरिंग के पेड़ों की तस्करी करते हुए “जागो उत्तराखण्ड” द्वारा पकड़े गए, हालाँकि स्थानीय वन अधिकारियों की साँठ-गाँठ से मामला रफा दफ़ा कर दिया गया,यँहा तक कि दोनों पिता पुत्र ने “जागो उत्तराखण्ड” प्रतिनिधियों को ट्रक से कुचलने की धमकी भी दी,जिसपर उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री ने भी संज्ञान लिया और लैंसडाउन थाने में पिता-पुत्र पर मुक़दमा क़ायम किया गया,लगातार “जागो उत्तराखण्ड” कोटद्वार जो कि वन मन्त्री की विधानसभा है में वन माफ़िया और स्थानीय वन अधिकारियों की मिलीभगत से हरे पेड़ों के कटान की खबरें प्रकाशित करता रहा,अंततः विवादास्पद डीएफओ सन्तराम को लैंसडाउन फारेस्ट डिवीज़न से हटा दिया गया,अभी कुछ समय पूर्व तेज तर्रार युवा आईएफएस वैभव कुमार सिंह ने लैंसडौन वन प्रभाग में सन्तराम की जगह डीएफओ का पदभार ग्रहण किया ,आते ही उन्होंने वन तस्करों पर शिकंजा कसना प्रारम्भ कर दिया है,मामला लालढांग रेंज में बड़ी संख्या में खैर के हरे पेड़ो के अवैध कटान का है, मामले में वन विभाग ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है,लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज के अन्तर्गत यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम सभा दयावाला में सैकड़ों हरे पेड़ो के अवैध कटान के मामले की जांच चल ही रही थी कि वन माफिया का एक नया मामला प्रकाश में आ गया,मामला यमकेश्वर ब्लॉक के ताल घाटी के दिवोगी गॉव के कंडारा का है,जहाँ 60 पेड़ो को काटने की अनुमति की आड़ में खैर के 130 पेडों का अवैध रूप से कत्लेआम कर दिया,ग्राम दिवोगी में अवैध कटान की सूचना मिलने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी वैभव कुमार सिंह,उप प्रभागीय वनाधिकारी,जी.सी. बेलवाल,रेंज अधिकारी गॉव पहुँचे,जहाँ वन विभाग की टीम ने जाँच शुरू की तो जाँच में वन विभाग की टीम को मौके पर 125 खैर के कटे मिले,डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया काश्तकार भोपाल सिंह व महेन्द्र की ओर से 30-30 हरे पेड़ों की कटान की अनुमति ली गई थी,जिसमे से गोपाल सिंह को तो विभाग की ओर से अनुमति दी गई थी, मगर महेन्द्र सिंह की फाइल अभी स्वीकृत नही हुयी थी,बाबजूद जिसके महेन्द्र सिंह से खेतो से करीब 75 हरे पेड़ो को काट दिया गया है,विभाग की ओर से काश्तकार महेन्द्र सिंह,भोपाल सिंह,ठेकेदार आनन्द बल्लभ थपलियाल व उसके मुंशी लक्ष्मण सिंह रावत के खिलाफ वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उपजिलाधिकारी लैंसडाउन भी राजस्व भूमि में कटान की पुष्टि करवाने के बाद वन संरक्षण अधिनियम के तहत वन माफिया पर कार्यवाही की तैयारी में हैं,आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आनन्द बल्लभ थपलियाल,भाजपा नेत्री ममता थपलियाल देवरानी के पिता हैं और “जागो उत्तराखण्ड” ने दिसम्बर माह में इस बात का खुलासा खुद पूर्व डीएफओ सन्तराम की जुबानी कर दिया था कि राजनीतिक संरक्षण के चलते लैंसडाउन वन प्रभाग में वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नाप खेतों में चंद पेड़ों की अनुमति और उसकी आड़ में सैकड़ों हरे पेड़ो के कटान का खेल जारी है, वन माफिया आनन्द बल्लभ थपलियाल,उनके पुत्र शोभित थपलियाल और परिवार के अन्य सदस्य पूर्व में भी कई वन अपराध कर चुके हैं और इसी आधार पर अब वन विभाग केवल जुर्माना वसूल करने के बजाय अब आनन्द बल्लभ थपलियाल और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही करने की तैयारी कर रहा है,आपको बात दें कि मौजूदा प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखण्ड(HOFF)जय राज ने भी फरवरी में पदभार ग्रहण करते हुए कहा था कि संगठित तरह से वन अपराध करने वालों की किसी सूरत में नहीं बख्शा जायेगा, उम्मीद है कि पिछले छः माह में लैंसडाउन वन प्रभाग में हजारों हरे पेड़ काटने वाले वन माफिया के ख़िलाफ़ कार्यवाही होने के बाद अब लैंसडाउन वन प्रभाग में अवैध कटान का सिलसिला थम जायेगा

वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के तहत आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खोजबीन जारी है।
” वैभव कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडाउन”

“उक्त मामले के जाँच की जा रही है,अगर वन पंचायत की भूमि में किसी भी प्रकार का कटान किया गया पाया गया, तो आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जायेगी”

कमलेश मेहता, उपजिलाधिकारी लैंसडाउन

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