टिहरी पुलिस के वर्दी वाले गुण्डे चम्बा थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा जैसे पुलिस वालों के रहते वन्दना और अंजली की मौत का इंसाफ़ होना मुश्किल!..

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टिहरी पुलिस के वर्दी वाले गुण्डे चम्बा थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा जैसे पुलिस वालों के रहते वन्दना और अंजली की मौत का इंसाफ़ होना मुश्किल!..
जागो ब्यूरो एक्सक्लूसिव:

टिहरी जनपद में पिछले एक पखवाड़े में दो बहुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है,बीस अप्रैल को घनसाली तहसील के अंतर्गत पिपोला गाँव में ब्याही गयी वंदना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी,वंदना की एक दुधमुही बच्ची भी है,वंदना के मायके वालों का आरोप है कि दहेज के लोभी उसके पति जीत सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी,अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि पाँच मई को चम्बा के पास एक दूसरी बहू अंजली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई,अंजली उत्तरकाशी के चिन्याली गाँव से ब्याह के चम्बा आयी थी,उसकी मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मायके वालों ने पति गिरीश तिवाड़ी और उसकी माँ पर दहेज के लिए ही उसकी हत्या का आरोप लगाया है,अंजली की भी वंदना की तरह ही एक छोटी सी बेटी भी है,दोनों मामलों की पुलिस द्वारा अभी विवेचना जारी है और अभी निश्चित नहीं हो पाया है कि पुलिस का इन्वेस्टिगेशन किस दिशा में जायेगा! लेकिन इस बीच अंजली की हत्या की जांच कर रहे चम्बा थाने के थाना प्रभारी,सुंदरम शर्मा की बदसलूकी का सामना पत्रकारों को भी करना पड़ा है,जब “जागो उत्तराखण्ड”सम्पादक आशुतोष नेगी अपने सहयोगियों भगवान सिंह और मोहन के साथ पुलिस की तहक़ीक़ात के बारे में जानकारी करने थाना चम्बा पहुंचे तो थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा बदसलूकी पर उतर आये और पत्रकारों को थाने से निकाल बाहर करने की बात करने लगे,दरअसल सुंदरम शर्मा पर भारतीय नमो संघ के राष्ट्रीय मंत्री और प्रभारी उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र सुरेंद्र प्रसाद जी से भी फोन पर अंजली की मौत की तहक़ीक़ात के बारे में वार्तालाप के दौरान बदतमीजी का एक ऑडियो भी “जागो उत्तराखण्ड को प्राप्त हुआ है,जब “जागो उत्तराखण्ड” द्वारा अंजली की मौत और इस ऑडियो में सुंदरम शर्मा द्वारा बदसुलूकी के बारे में उनसे जानकारी करने की कोशिश की गयी,तो उनका बदनुमा चेहरा पत्रकारों ने भी देखा,जानकारी प्राप्त हुई है कि सुंदरम शर्मा इससे पूर्व भी पत्रकारों से भी बदसलूकी कर चुके हैं और कुछ दिनों पहले चम्बा के व्यापारियों और महिलाओं से भी उन्होंने बदतमीजी की है,जिसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की जा चुकी है,जब तक टिहरी पुलिस में शर्मा जैसे लोग मौजूद हैं तब तक यह नहीं लगता कि वंदना और अंजली जैसी बहूओं को इंसाफ मिल पाएगा,क्योंकि जब सुन्दरम जैसे पुलिसवाले महिलाओं के ख़िलाफ़ जघन्य अपराध की तहकीकात करने वाले पत्रकारों से ही बदसलूकी कर रहे हैं,तो ये आम आदमी से क्या सुलूक़ करते होंगे,इसका अंदाजा लगाया जा सकता है,सुन्दरम की “जागो उत्तराखण्ड”के सम्पादक आशुतोष नेगी और उनके सहयोगियों से बदसलूकी का मामला अब उत्तराखण्ड की पुलिस के आला अधिकारियों के संज्ञान में है और देखना है कि क्या सुंदरम शर्मा के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई पुलिस के आला अधिकारी करते हैं?जबकि पुलिस सेवा के दौरान इनके पत्रकारों,महिलाओं और जनसामान्य से बदसलूकी करने की फ़ेहरिस्त काफ़ी लम्बी है या उत्तराखण्ड पुलिस के आला अधिकारी सुंदरम को अपने नाम के विपरीत उत्तराखण्ड पुलिस की मित्र छवि को बदसूरत करने को आवारा सांड की तरह छोड़ देते हैं,टिहरी पुलिस में सुन्दरम जैसे पुलिसवालों के रहते वंदना और अंजली को भी इंसाफ़ मिलना मुश्किल लगता है,लेकिन “जागो उत्तराखण्ड” वन्दना,अंजली और उन जैसी तमाम बहू बेटियों की मौत के जिम्मेदारों और सुन्दरम जैसे वर्दी वाले गुण्डे को उसके कुकर्मो की सज़ा दिलवाने हर सक्षम अधिकारियों और मंच के दरवाजे को खटखटायेगा!

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