बच्चों पर अपनी तनख्वाह खर्च कर सक्लानंद नौटियाल गुरुजी बने मिशाल..

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बच्चों पर अपनी तनख्वाह खर्च कर सक्लानंद नौटियाल गुरुजी बने मिशाल..
कुलदीप बिष्ट,जागो ब्यूरो,पौड़ी:
जहां एक और सरकार गरीब और निम्न दर्जे के परिवार के बच्चों को सर्व शिक्षाअभियान के नाम पर शिक्षा उपलब्ध कराने की बात करती है,तो प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की घटती छात्र संख्या,सर्व शिक्षा अभियान द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा की कलई खोल रही है,स्कूलों में शिक्षा हेतु मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव इन स्कूलों में साफ तौर पर देखा जा सकता है, हालांकि सरकार तमाम दावे सभी बच्चों को पढ़ाने के करती है, मगर मूलभूत सुविधाओं का अभाव अभिवावकों को सरकारी स्कूलों में अपने बच्चो को पढ़ाने से रोक लेता है,जिससे गरीब से गरीब आदमी भी अपना पेट काटकर प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस देकर बच्चों को पढ़ाने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर पौड़ी के गढ़वाली जूनियर हाई स्कूल के हेड मास्टर सक्लानंद नौटियाल गुरुजी बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने में एक मिशाल सभी शिक्षकों और लोगों के सामने पेश कर रहे हैं

गढ़वाली जूनियर हाई स्कूल पौड़ी के हेड मास्टर सक्लानन्द गुरुजी अपने वेतन से गरीब बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है, उनका कहना है कि सरकार से किसी भी प्रकार की कोई भी मदद विद्यालय के लिए नहीं मिल पाती, जिसकी वजह से वे अपने वेतन का कुछ हिस्सा विद्यालय के रखरखाव, रंग वार्निश, कंप्यूटर इत्यादि पर खर्च करते हैं,वे अपने सीमित संसाधनों से ही विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा दे रहे हैं, जहां केंद्र और प्रदेश सरकार करोड़ों का बजट सर्व शिक्षा अभियान में लगा कर सभी बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने में कामयाब नहीं हो पा रही है

स्कूल में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने में अपनी तनख्वाह लगा सक्लानन्द नौटियाल गुरुजी बने मिशाल..

वहीं दूसरी ओर इन सबके बीच सक्लानंद नौटियाल गुरुजी की यह पहल काबिले तारीफ मानी जाएगी,उनका विद्यालय पौड़ी का पहला ऐसा विद्यालय है जिसमे बच्चों के साथ शिक्षकों पर भी सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है जिससे सभी शिक्षक पूरी ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता से बच्चों के भविष्य निर्माण का दायित्व पूरा करें।

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