कतर से वापस आकर पँवार बन्धुओं ने संवार दिया वीरान जसपुर गाँव..

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कतर से वापस आकर पँवार बन्धुओं ने संवार दिया वीरान जसपुर गाँव..

जागो ब्यूरो एक्सक्लूसिव:

पौड़ी जनपद के कोट ब्लॉक के जसपुर गाँव से कई दशक पहले यहां के ग्रामीण रोज़गार की तलाश में पूरी तरीके से पलायन कर प्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों में जा बसे थे,जिससे गाँव वीरान हो गया था,इस बीच कतर से आये पड़ोस के गांव जामला के दो भाइयों हरीश पँवार और अजय पँवार ने यहां पर पर गाँव वालों की सहमति से खेती का काम शुरू किया,जिससे आज यह गाँव आबाद हो चुका है,यँहा तक कि गाँव के कई लोग अब वापस भी लौटने लगे हैं और आस-पास के कई बेरोजगारों को इससे रोजगार भी मिला हुआ है,पलायन की मार झेल रहे उत्तराखण्ड के संदर्भ में यह एक मील का पत्थर घटना है,कि कैसे विदेश से आकर दो भाइयों ने एक वीरान पड़े गाँव को आबाद कर संवार दिया है,कोरोना संकट के दौरान कई प्रवासी उत्तराखंडी लोग उत्तराखंड वापस आ चुके हैं और खेती किसानी करना चाहते हैं,पँवार बन्धु ऐसे लोगों के लिए रोल मॉडल हैं,”जागो उत्तराखण्ड” की टीम ने इस रोल मॉडल विलेज जसपुर का दौरा किया और पँवार बंधुओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया, फिलहाल “जागो उत्तराखण्ड” पँवार बंधुओं की खेती को जंगली जानवरों के आतंक से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग उपलब्ध करवायेगा और भविष्य में उनकी खेती से उत्पादित सब्जियों और अन्य उत्पादों को मार्केट भी करेगा, होनहार कृषक पँवार बंधुओं ने एक अच्छा सुझाव सरकार को भी दिया है, कि सरकार उत्तराखण्ड के पहाड़ी किसानों के लिये हिमांचल प्रदेश की तर्ज पर मंडियां विकसित करे,जिसमें छोटे और लघु किसान सरकार की व्यवस्था के अंतर्गत अपनी थोड़ी-थोड़ी सब्जी निर्धारित स्थान पर लाकर जमा कर दें,जिसे सरकारी वाहन द्वारा कलेक्ट कर के मंडी तक पहुंचाया जाये और किसान को उसके उत्पाद की कीमत घर पर ही दे दी जाए,जिससे किसान और ज्यादा खेती करने को प्रोत्साहित हों, “जागो उत्तराखण्ड” का सर्किट हाउस पौड़ी में स्थित किसान सहायता केंद्र इसी दिशा में कार्य कर रहा है और सरकार से भी निवेदन करता है कि वह अपने संसाधनों का सही प्रयोग करते हुये,इसी तरह उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में खेती किसानी या अन्य कारोबार कर रहे ग्रामीणों को एक मंडी के नेटवर्क से जोड़े,जिससे वह ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करने के लिये प्रोत्साहित हों,कोरोना संकट के दौरान जो प्रवासी उत्तराखण्ड वापस आ गये हैं,पँवार बंधुओं का रोल मॉडल उन्हें और प्रदेश को एक खुशहाल प्रदेश के रूप में स्थापित करने में कारगर साबित हो सकता है,बशर्ते सरकार भी अपना रोल सही ढंग से अदा करे!

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