People stopped from running river rafting because of HC order agitate in Rishikesh against govt. & tourism ministry…

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हाईकोर्ट के आदेश पर रिवर राफ्टिंग पर रोक के ख़िलाफ़ पर्यटन कारोबारी ऋषिकेश की सड़कों पर…

उत्तराखण्ड हाई कोर्ट द्वारा रिवर राफ्टिंग ,वाटर स्पोर्ट्स और पैराग्लाइडिंग पर रोक के आदेश को लागू करने के लिए पुलिस ने आज ऋषिकेश में राफ्टिंग कारोबारियों की राफ्ट को रोका और चालान काटे, इसके बाद बड़ी संख्या में राफ्टिंग कारोबारी मुनि की रेती के पास सड़क पर उतर आये और उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार,पर्यटन विभाग और याचिकाकर्ता हरिओम कश्यप के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी कर रोक को तत्काल हटाने की माँग की,उन्होंने आरोप लगाया कि वो सरकार को पूरा टैक्स और मानक पूरा करने के बाद ही राफ्टिंग कारोबार करते हैं,यदि सरकार ने पर्यावरण और मानव सुरक्षा के लिए अब तक कोई पालिसी नही बनायी तो ये उनका दोष नहीं है,उन्होंने माँग की उन्हें बेरोजगार होने से बचाया जाए,

अन्यथा वो सरकार की चूलें हिला देंगे…

ये था पूरा मामला…

उत्तराखण्ड हाइकोर्ट ने प्रदेश में पैराग्लाइडिंग ,व्हाइट वाटर राफ्टिंग तथा अन्य वाटर स्पोर्ट्स पर प्रतिबन्ध लगाया…

उत्तराखण्ड हाइकोर्ट ने प्रदेश में पैराग्लाइडिंग ,व्हाइट वाटर राफ्टिंग तथा अन्य वाटर स्पोर्ट्स पर पर्यावरण व मानव सुरक्षा की दृष्टि से सरकार द्वारा नीति बनाये जाने तक प्रतिबन्ध लगा दिया है,ऋषिकेश के सामाजिक कार्यकर्ता हरि ओम कश्यप द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव शर्मा और लोकपाल सिंह की खण्डपीठ ने ये फैसला सुनाया है,खण्डपीठ ने सरकार को दो सप्ताह के अन्दर मानव और पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत हैंगग्लाइडिंग,व्हाइट वाटर राफ्टिंग व अन्य वाटर स्पोर्ट्स के लिए पारदर्शी नीति बनाने को कहा है,कोर्ट ने ये आदेश सोमवार को दे दिया था, लेकिन कल वृहस्पतिवार को ही आदेश की प्रति उपलब्ध करायी गयी है,हैरानी की बात है कि बीते दिनों सरकार ने टिहरी झील के ऊपर कैबिनेट बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को उद्योग का दर्जा तो दे दिया है7,लेकिन लाखों युवाओं और पर्यटन करोबारियों की रोजी रोटी से जुड़े पैराग्लाइडिंग,व्हाइट वाइट राफ्टिंग व अन्य वाटर स्पोर्ट्स के संचालन के लिए अभी तक कोई रूल्स रेगुलेशन ही नहीं बनाए हैं! जो कि हास्यास्पद है,कानूनी प्रक्रिया में समय लगने की संभावना को देखते हुए सरकार को तत्काल पैराग्लाइडिंग और व्हाइट वाटर राफ्टिंग व अन्य वाटर स्पोर्ट्स के लिए दो हफ्ते के अन्दर पारदर्शी रूल्स रेगुलेशन बनाकर माननीय हाइकोर्ट में अपना पक्ष रख देना चाहिए,जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को बेवज़ह अपने कारोबार से हाथ न धोना पड़े…

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