CEO &DEO Pauri caught on camera taking money for appointment…..

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अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति में पैसे के खेल का पर्दाफाश…

पौड़ी के सीईओ मदन सिंह रावत और डीईओ माध्यमिक हरे राम यादव का भ्रष्टाचार कैमरे में कैद

उत्तराखण्ड के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की खबरें आप लगातार पढ़ते और देखते रहे हैं,लेकिन “जागो उत्तराखण्ड” शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ऐसा घिनौना चेहरा आपके सामने पेश कर रहा है,जो ये साबित कर देगा कि अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति और अनुमोदन के नाम पर शिक्षा विभाग के अधिकारी सुयोग्य युवाओं के भविष्य और विद्यालयों के प्रबन्धकों के साथ किस तरह का खिलवाड़ करते रहे हैं,पौड़ी जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत और जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरे राम यादव,जनपद के एक अशासकीय विद्यालय के प्रबंधक से नियुक्तियों और अनुमोदन के नाम पर पैसा लेते हुये कैमरे में कैद हुये हैं,मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी,मदन सिंह रावत वीडियो में अपने भाई की नियुक्ति किये जाने को लेकर जनपद के अशासकीय विद्यालय के प्रबंधक पर न केवल दवाब बना रहे हैं,बल्कि ये भी कह रहे हैं कि मैं देखता हूँ इंटरव्यू कैसे होता है?जिससे ज़ाहिर होता है कि अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधक नहीं,बल्कि इस तरह के भ्रष्ट अधिकारी नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और पैसे के लेन देन के मुख्य दोषी है,विद्यालयों के प्रबंधक तो मात्र इनके हाथों की कठपुतली बन बदनाम हो रहे हैं,दरअसल पौड़ी जनपद में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों और अध्यापकों की नियुक्ति हेतु चयनित टॉप सेवन में पैसे के लेन देन की शिकायत मिलने के बाद इस सम्बन्ध में एसआईटी जांच भी चल रही है,इस प्रकरण में जनपद के अशासकीय कालेजों के प्रबंधकों पर आरोप लगे,कि वे इस खेल के सूत्रधार हैं,इस बीच पौड़ी के मौजूदा मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत पर इसी तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे,लेकिन साक्ष्यों के अभाव में उन पर ऊँगली नहीं उठायी जा सकी,मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत द्वारा अपने भाई की नियुक्ति और अन्य नियुक्तियों व अनुमोदनों हेतु लगातार प्रताड़ित अशासकीय विद्यालयों के एक प्रबंधक “जागो उत्तराखण्ड” के पास अपना दुखड़ा लेकर पहुंचे,”जागो उत्तराखण्ड”ने अशासकीय विद्यालय के प्रबन्धक को मुख्य शिक्षा अधिकारी के भ्रष्टाचार के वीडियो साक्ष्य एकत्रित करने की राय दी ,जिसके बाद रावत के भ्रष्टाचार के कई वीडियो तैयार हो गये,जिसमें मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत कैमरे में भ्रष्टाचार करते हुऐ क़ैद हो गये,अभी नियुक्तियों और अनुमोदन के नाम पर पैसे के लेन देन के और कई और वीडियो तैयार करने का प्रयास जारी ही था, कि शासन द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में रोक के चलते ऐसा सम्भव नहीं हो पाया,सम्भावना ये भी थी कि लम्बे समय से पौड़ी में तैनात इन अधिकारियों का तबादला अन्यत्र न हो जाये,आपको बता दें कि इस प्रबन्धक को मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत और जिला शिक्षा अधिकारी हरे राम यादव ने रावत के भाई की नियुक्ति हेतु इतना ज्यादा मानसिक रूप से परेशान किया,कि लगभग दो माह पूर्व उन्हें विद्यालय में नियुक्ति हेतु साक्षात्कार के दिन अस्पताल में तक भर्ती होने पड़ा और साक्षात्कार रद्द कर दिया गया, वीडियो तैयार करने वाले प्रबंधक मौजूदा प्रदेश बीजेपी सरकार के ही सम्मानित पदाधिकारी हैं और उन्होंने ये उचित समय समझा कि प्रदेश की जीरो टॉलरेन्स सरकार के सामने इन भ्रष्ट अधिकारियों का काला चिट्ठा खोला जाये,क्योंकि पिछले ही हफ़्ते भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्यवाही करते हुए,प्रदेश सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों को निलम्बित किया है,अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग के इन भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ़ सरकार क्या एक्शन लेती है? “जागो उत्तराखण्ड” जल्द ही ये सारे वीडियो शिक्षा मन्त्री ,शिक्षा विभाग के वरिष्ठतम अधिकारियों और विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की जाँच के लिये गठित एसआईटी को सौंप कर दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ शिक्षा विभाग से भ्रष्टाचार की सफ़ाई का अभियान शुरू करेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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