श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तैनात कोविड स्टाफ के शोषण का मामला उठाने पर “जागो उत्तराखण्ड” संवाददाता पर झुंझलाये सीएम तीरथ,बोले तुम्हें भी जागरूक करना पड़ेगा!

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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में तैनात कोविड स्टाफ के शोषण का मामला उठाने पर “जागो उत्तराखण्ड” संवाददाता पर झुंझलाये सीएम तीरथ,बोले तुम्हें भी जागरूक करना पड़ेगा!

भगवान सिंह,जागो ब्यूरो रिपोर्ट:

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में नियुक्त कोविड स्टाफ़ ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और उनकी नियुक्ति करने वाली जेड सिक्युरिटीज पर उनके शोषण का आरोप लगाया है!आपको बता दें कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त इस स्टाफ को नियुक्ति के समय सत्रह हजार देने की बात की गयी थी,लेकिन इनको सिर्फ ग्यारह हजार ही वेतन दिया जा रहा है,बाकी धनराशि जीएसटी के नाम पर कटौती करना बताया जा रहा है,स्टाफ का आरोप है कि आउटसोर्सिंग एजेंसी जेड सिक्योरिटीज उनके पीपीएफ का भी सही हिसाब नहीं देती और इस बाबत पूछे जाने पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के स्टाफ़ द्वारा उन्हें धमकाया जाता है,आपको यह भी बताते चलें कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज सूबे के उच्च शिक्षा मन्त्री धन सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र में स्थित है,जहाँ धन सिंह रावत द्वारा अपनी विधानसभा में विकास के बड़े- बड़े दावे किए जाते रहे हैं,वंही आउटसोर्सिंग स्टाफ द्वारा अपनी समस्याएँ धन सिंह रावत को कई बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराये जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान न होना उनके झूठे दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है,कोविड स्टाफ का यह भी कहना है कि इस कोरोना महामारी में भी उन्हें घर से ही आना पड़ता है,जिससे उनके घर मे अन्य सदस्यों का भी कोरोना संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है,लिहाजा उन्हें विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी अलग कहीं होटल में रहने की सुविधा दी जाय !कोविड स्टाफ का अस्पताल प्रशासन और आउटसोर्सिंग एजेंसी पर ये भी आरोप है कि उन्हें जितना भी वेतन मिलता भी है,उसका भी समय पर भुगतान नहीं होता!उन्हें अक्सर तीन महीने में एक बार वेतन भुगतान होता है और वह भी सिर्फ एक माह का!आज मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के श्रीनगर मेडिकल कॉलेज पहुँचने पर कोविड स्टाफ को अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जगी थी,इसी सवाल को “जागो उत्तराखण्ड” प्रतिनिधि द्वारा मुख्यमन्त्री तीरथ से पूछने पर वे “जागो उत्तराखण्ड” प्रतिनिधि पर झुंझलाकर उन्हें “तुम्हे भी जागरुक करना पड़ेगा” कहने लगे!मुख्यमंत्री का यह व्यवहार अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे,कोविड स्टाफ के लिये भी बेहद निराशाजनक है,लगता ये है कि कोविड मैनेजमेंट में पूरी तरह विफ़ल होने वाली तीरथ सिंह सरकार के पास कोविड स्टाफ़ की समस्याओं का समाधान ही मौजूद नहीं है,ऐसे में लगता ये है कि मुख़्यमंत्री की यह झुंझलाहट “जागो उत्तराखण्ड” प्रतिनिधि से अपने पद की गरिमा के विपरीत व्यवहार के रूप में सामने आ रही है!

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