श्रीनगर गढ़वाल के गढ़वाली साहित्यकार एवं शिक्षक संदीप रावत होंगे चन्द्र कुँवर बर्त्वाल साहित्य सेवाश्री सम्मान से सम्मानित

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श्रीनगर गढ़वाल के गढ़वाली साहित्यकार एवं शिक्षक संदीप रावत होंगे चन्द्र कुँवर बर्त्वाल साहित्य सेवाश्री सम्मान से सम्मानित.. 

जागो ब्यूरो श्रीनगर

गढ़वाली लेखक,गीतकार , कवि संदीप रावत जो जिला टिहरी के कीर्तिनगर विकास खण्ड के रा.इ.कॉ.धद्दी घण्डियाल, बडियारगढ़ में शिक्षक हैं ,उनका चयन “चन्द्र कुँवर बर्त्वाल साहित्य सेवाश्री सम्मान “हेतु हुआ है | यह सम्मान उनको हिमवंत संस्था (चन्द्र कुँवर बर्त्वाल स्मृति मंच), दिल्ली द्वारा हिमवंत कवि चन्द्र कुँवर बर्त्वाल जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर दिनांक 31 अगस्त, 2019 (शनिवार) को गढ़वाल भवन,(भगीरथी हॉल), वीर चंद्र सिंह गढ़वाली चौक, पंचकुइयां रोड, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अन्य वरिष्ठ गढ़वाली -हिन्दी साहित्यकारों , समाज सेवियों एवं वरिष्ठ पत्रकारों के साथ दिया जाएगा |
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पृथ्वी सिंह केदारखंडी के गढ़वाली काव्य संग्रह धार मा कु गौं छ म्यारु के लोकार्पण के साथ हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के सौजन्य से “हिमवंत” (चंद्र कुँवर बर्त्वाल स्मृति मंच) एवं रुद्प्रयाग जन विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में हिमवंत कवि सम्मेलन, सार्वभौमिक संस्था की शानदार प्रस्तुति “अब क्या होलु”(हास्य नाटिका) एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन भी सम्मिलित है |
शिक्षक संदीप रावत रसायन विषय पढ़ाने के साथ-साथ विगत कई वर्षों से गढ़वाली भाषा के सम्बर्द्धन हेतु निरन्तर प्रयासरत हैं | कई मंचों पर काव्य पाठ कर चुके इस शिक्षक की चार गढ़वाली पुस्तकें लिख चुके हैं और वे सैकड़ों गढ़वाली आलेख लिख चुके हैं | उनकी पुस्तकें एक लपाग- गढ़वाली कविता-गीत संग्रह, गढ़वाळि भाषा अर साहित्य कि जात्रा- संदर्भ/शोधपरक गढ़वाली संग्रह, लोक का बाना-गढ़वाली आलेख संग्रह एवं उदरोळ- गढ़वाली कथा संग्रह हैं | वे गढ़वाली भाषा व संस्कृति के लिए कार्य कर रहे हैं और नई पीढ़ी व अन्य लोगों को अपनी मातृभाषा से जोड़ने का काम कर रहे हैं | अपने स्कूल में भी वे इस दिशा में काम कर रहे हैं | गढ़वाली में लिखी उनकी सरस्वती वन्दनाओं एवं रचनाओं को सोशियल मीडिया में भी काफी पसन्द किया जा रहा है | बचपन से ही गढ़वाली गीत एवं लेखन से जुड़े संदीप रावत ने अपने बड़े भाई संजय रावत व शिक्षक पिता श्री महावीर सिंह रावत से काफी कुछ सीखा |

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