जिला पंचायत पौड़ी के तीन करोड़ के कामों की एमबी बुक किसने करायी गायब!?

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जिला पंचायत पौड़ी के तीन करोड़ के कामों की एमबी बुक किसने करायी गायब?
जागो ब्यूरो एक्सक्लूसिव:

जिला पंचायत पौड़ी के घोटालों की फेहरिस्त में करीब तीन करोड रुपए लागत के कामों का वह घोटाला भी शामिल है जिसकी एमबी बुक ही जिला पंचायत से गायब है,पौड़ी के थली गाँव निवासी अशोक थपलियाल ने जिला पंचायत पौड़ी में घोटालों की भनक मिलने पर जिला पंचायत से सूचना के अधिकार में करीब तीन करोड़ लागत के कामों की सूचना मांगी कि यह काम कहां-कहां पर किये गये हैं और उसका भुगतान कितने का और किसे किया गया है,दरअसल यह काम धरातल पर किये ही नहीं गये थे और आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक थपलियाल को सूचना देने से बचने के लिए जिला पंचायत पौड़ी में घोटालों के सूत्रधारों ने इन कामों की एमबी बुक ही जिला पंचायत से गायब कर दी,बाद में जब सूचना न मिलने पर आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक थपलियाल ने जिलाधिकारी पौड़ी से यहां उक्त संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अपील की तो मामले की सुनवायी करते हुये अपर जिला अधिकारी पौड़ी ने जिला पंचायत के तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी से उक्त संबंध में जिम्मेदार विभागीय अभियंता के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के निर्देश दिये जाने के बारे में पूछा,लेकिन तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी ने सूचना के अधिकार में मांगी गयी जानकारी में यह तो स्वीकार किया कि उन्होंने थाना पौड़ी में एमबी बुक के गायब होने की एफ आई आर दर्ज करा दी है,लेकिन एफ आई आर दर्ज कराने के साक्ष्य के रूप में वह अपर जिलाधिकारी पौड़ी को एफ आई आर की छाया प्रति या अन्य कोई साक्ष्य उपलब्ध कराने में अक्षम रहे, जिससे साबित होता है की तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी भी उक्त घोटाले में संलिप्त हो सकते हैं,आप समझ सकते हैं कि एमबी बनाना या एमबी बुक को मेंटेन रखना अभियंताओं का काम होता है और जिन अभियंताओं से सम्बंधित उक्त कार्य रहे होंगे,उन पर ही एमबी बुक को गायब करने की शक की सुई भी घूमती है,जाहिर है तीन करोड़ के काम जो धरातल पर किये ही नहीं गये थे की सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं था,इसी वजह से उन कामों की एमबी बुक ही ग़ायब कर दी गयी, पौड़ी के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल का मानना है कि क्योंकि अब जिला पंचायत नवगठित रूप में संचालित हो रही है,तो वर्तमान अध्यक्षा और अपर मुख्य अधिकारी को उक्त संबंध में निर्णय लेना है,उन्होंने बताया कि जिला पंचायत से सम्बंधित घोटालों पर शिकायत मिलने पर वे भी अपने स्तर से कार्यवाही करेंगे,जिला पंचायत पौड़ी के वर्तमान अपर मुख्य अधिकारी को उक्त सम्बन्ध में एफ आई आर दर्ज कर संबंधित जिम्मेदार अभियंता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में ले आनी चाहिये,जिससे बाद में उन्हें खुद भी कानूनी दिक्कतों का सामना न करना पड़े,अब जबकि आरटीआई एक्टिविस्ट करण रावत द्वारा संपूर्ण घोटालों की फेहरिस्त गढ़वाल आयुक्त को सौंप दी गई है तो महसूस होता है कि उनके द्वारा बनाई गयी जाँच कमेटी जिसके अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी और सदस्य मुख्य कोषाधिकारी पौड़ी और अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग पौड़ी शामिल है,अपनी जाँच में इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये,इस मामले में वित्तीय अनियमितता, सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक धाराओं में कानूनी कार्रवाई करने की संस्तुति करेंगे,जिसके बाद तीन करोड़ के कामों की एमबी बुक को गायब करवाने के मामले में तत्कालीन अभियंताओं के खिलाफ सीआरपीसी की धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज होना सुनिश्चित है।

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